humble ,kind and polite, life, motivation, personality development, safalta ke mool mantra

“क्या विनम्रता से तात्पर्य , केवल शाब्दिक विनम्रता से है ?”

विनम्रता से ही व्यक्ति , व्यक्ति है ?

विनम्रता एक भाव है और भाव का संबंध मन से होता है आज के समय में तो विनम्रता की परिभाषा ही पूर्णता परिवर्तित हो गई है कुछ लोग कुछ एक क्षण के लिए विनम्र हो जाते हैं और कुछ लोग कुछ एक क्षण विनम्र रहने के बाद अपनी यथास्थिति में लोट जाते हैं और कुछ कठिन परिस्थितियों से लोट कर विनम्र हो जाते हैं ,विनम्रता का भाव ही व्यक्ति को व्यक्ति बनाता है विनम्रता के अभाव में व्यक्ति को व्यक्ति की संज्ञा भी नहीं दी जा सकती !

ये सामंजस्य का एक भाव है

विनम्रता मन और आत्मा के सामंजस्य से उत्पन्न होती है नम्रता का एक वास्तविक भाव होता है जब हम इसके अभ्यस्त हो जाते हैं तो हमें विनम्रता पूर्ण व्यवहार करना नहीं पड़ता अपितु हो जाता है !

ये व्यक्ति की बुद्धिमत्ता की पहचान है

विनम्रता व्यक्ति की बुद्धिमत्ता का उदाहरण है व्यक्ति जितना अधिक बुद्धिमान होगा उतना ही अधिक अनुशासित व्यवहार करेगा ,तात्पर्य यह हुआ कि विनम्रता व्यक्ति के पालन -पोषण से विकसित होती है यद्यपि व्यक्ति की परवरिश पर उसकी संस्कृति का प्रभाव भी अवश्य पड़ता है ,परंतु कभी-कभी अत्यधिक अनुशासित व्यक्ति भी खींझ खा जाता है इस प्रकार विनम्रता एक आंतरिक लक्षण हैं जो अनायास ही व्यवहार का भाग बन जाता है !

विनम्रता आती कहाँ से है

यह लक्षण व्यक्ति में जन्मजात भी हो सकता है और अभ्यास से प्राप्त भी किया जा सकता है
और समाज व संस्कृति के प्रभाव से स्वत: भी उत्पन्न हो सकता है !

यह सफलता का मूलमंत्र है

जिस प्रकार सूखी मिट्टी पर जल डालकर गीली मिट्टी को मनचाहा आकार दिया जा सकता है ठीक उसी प्रकार ,कठोर से कठोर व्यक्ति से विनम्रता पूर्ण व्यवहार कर मनचाहा परिणाम प्राप्त किया जा सकता है !

विस्मयकारी शब्द

यदि विनम्रता का महत्व ना होता तो कृपया , धन्यवाद ,आदि शब्दों का महत्व भी न होता , हमारे दैनिक जीवन में यह शब्द इतना महत्व रखते हैं जैसे चाय में शक्कर ,आप अनुमान लगा सकते हैं कि शक्कर के बिना चाय का क्या स्वाद ?

ये व्यक्तित्व की मिठास का कारक है

आजकल शुगर फ्री का ज़माना है देखिए शर्करा का कितना महत्व है कृत्रिम ही सही परंतु इसके बिना काम भी नहीं चलता ,जिस प्रकार शरीर को शर्करा ,नेचुरल शुगर या आर्टिफिशियल शुगर अर्थात शुगर फ्री से मिलती हे ठीक उसी प्रकार व्यक्ति के व्यवहार को मिठास नम्रता से मिलती है !

विनम्रता व्यक्ति को सहअस्तित्व के साथ आगे ले जाती है

व्यक्ति का विनम्र व्यवहार उसे उदार बनाता है इस प्रकार एक अहंकार विहीन व्यक्ति की उत्पत्ति होती है ,जो सबका प्रिय बन जाता है ! अहंकारी व्यक्ति सवहित के लिए समाज व परिवार का अहित कर देता है जबकि एक विनम्र व्यक्ति अपनी इच्छाओं को संतुलित कर स्वयं सहित घर परिवार के मान सम्मान की भी परवाह करता है क्योंकि विनम्र होने का तात्पर्य यह नहीं है कि व्यक्ति अपनी इच्छाओं की अभिव्यक्ति ही ना करें ,अंकारी व्यक्ति जहां सब कुछ नष्ट कर देता है वहीं एक विनम्र व्यक्ति सह अस्तित्व के साथ आगे बढ़ता है !

विनम्रतापूर्ण विरोध

विनम्रता व्यक्ति को शिष्ट बनाती है एक शिष्ट व्यक्ति एक अच्छे व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत करता है परंतु ऐसा भी नहीं है कि वह अशिष्ट व्यवहार का विरोध नहीं करता वह विरोध करता है परंतु विनम्रता के साथ जो लोग उसका अपमान करते हैं वह उनका उत्तर उनसे दूरी बना कर और भद्दे प्रश्नों पर मौन होकर देता है !

यह सभ्य लोगों का सिद्धांत है

विनम्रता सभ्य लोगों के सिद्धांत का मानक है जिसका अनुसरण हर कोई नहीं कर सकता इसका अनुसरण केवल वही व्यक्ति कर सकता है जो अंदर से विनम्र हो अथवा जो विनम्रता के लाभों को जानता हो की विनम्रता में सुख है अंतर आत्मा की शांति है !

यदि एक सफल और सुखी जीवन व्यतीत करना है तो विनम्र व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत कीजिए ,अगले ब्लॉग में फिर मिलेंगे तब तक के लिए हँसते- रहिये हँसाते -रहिये ,जीवन अनमोल है मुस्कुराते रहिये !

धन्यवाद
🙏🙏🙏

Advertisements
personality development

“जीवन क्या केवल कुछ अनुभवों का नाम है ? या एक नयी समझ के साथ आगे बढ़ने का !”

https://4jeewan.wordpress.com/2019/04/29/https-4jeewan-wordpress-com-jeewan-kya-kewal-kuch-anubhavon-ka-name-hai-ya-ek-nyee-samajh-ke-sath-aage-badhne-ka/