life, motivation, personality development, safalta ke mool mantra

“यूं ही कड़वा करेला किसी की प्राथमिकता नहीं बन जाता !”

जीवन उस अद्भुत करिश्माई शब्द का नाम है जो विभिन्न खट्टे, मीठे कड़वे व नमकीन अनुभव कराता रहता है व्यक्ति फिर भी जीवन में कभी हार नहीं मानता और निरंतर संभावनाएं तलाश करता रहता है !संभावना का अर्थ है संभव होना और बात जब संभव होने की हो तो आप जानते ही हैं कि इस संसार में असंभव कुछ भी नहीं है !यद्यपि मृत्यु को आप नियंत्रित नहीं कर सकते तथापि मृत्यु के अतिरिक्त समस्त विषय आपके नियंत्रणाधीन हैं सबसे महत्वपूर्ण है आपका विश्वास जो आपको असफल नहीं होने देता कठिन परिस्थितियों में भी आपको थामे रखता है !

जीवन आपको कई खट्टे ,मीठे ,कड़वे अनुभव परोसता रहता है जीवन की इस अद्भुत थाली में परोसे गए इन व्यंजनों में से क्या खाना है ?क्या नहीं ?चुनाव आपका होता है ,कहा जाता है यदि विकल्प हो तो चुनाव सरल हो जाता है यद्यपि चुनाव आपकी समझ पर निर्भर करता है की आप स्वस्थ रहने के लिए खाते हैं या स्वाद के लिए !

Pixabsy .com
pic by pixabay.com

वास्तविकता तो यह है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें खट्टे , मीठे, कड़वे सभी व्यंजनों की सम्मिलित रूप से आवश्यकता होती है यदि ऐसा नहीं होता तो भोजन में कड़वे व्यंजनों का महत्व न होता “यूँ ही तो कड़वा करेला किसी की प्राथमिकता नहीं बन जाता !”

जीवन में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों में संतुलन आवश्यक है एक शरीर को स्वस्थ बनाता है और दूसरा जीवन को आ आनंदमय अतः जिस प्रकार एक स्वस्थ्य जीवन के लिए प्रोटींस , विटामिंस , कार्बोहाइड्रेट्स मिनरल्स से परिपूर्ण एक संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार खट्टे , मीठे ,कड़वे और कुछ नमकीन अनुभवों का संतुलन जीवन को दिशा प्रदान करते हैं !

भोजन और जीवन दोनों के मध्य अंतर केवल चुनाव का है भोजन में इस संतुलन को हम स्वयं अपनाते हैं और कुछ अनुभव ना चाहते हुए भी जीवन में आ जाते हैं घबराइए नहीं यह कुछ एक क्षण ही आप को त्रस्त करगे क्योंकि जीवन में स्थिर कुछ भी नहीं है !

आप हाथ में पूजा की थाली लेकर समर्पण भाव से पूजा अर्चना करते हैं और बदले में मनोकामना करते हैं इच्छा कुछ पाने की जीवन में अद्भुत हो जाने की परंतु क्या आप जानते हैं ईश्वर ने यह यह थाली कर्म प्रधान बना रखी है ?तात्पर्य यह हुआ कि बाधित ना हो परिस्थितियों के वशीभूत होकर हार न माने कर्म प्रधान रहे !चलाएं मान रही है रुका हुआ तो जल भी दुर्गन्ध मारने लगता है इसलिए सदैब चलायमान रहें आगे बढ़ते रहें !

कई बार खट्टा खाने से दांत खट्टे हो जाते हैं और एसिडिटी हो जाती परंतु क्या हम खट्टा खाना छोड़ पाते हैं ?यद्यपि हम जानते हैं कि मीठा खाने से डायबिटीज हो जाती है परंतु क्या हम मीठा खाना छोड़ पाते हैं ?अधिक नमक ब्लड- प्रेशर का कारण बनता है यह जानते हुए भी क्या हम नमक लेना छोड़ पाते हैं ?क्या आपने कभी विचार किया है की पूर्णता नियंत्रण के अधीन होने के पश्चात भी हम इन हानिकारक भोज्य पदार्थों के सेवन पर आंशिक नियंत्रण ही स्थापित कर पाते हैं ! तो कटु अर्थात कड़वे अनुभव जो ह दूसरों से पाते हैं उन्हें पूर्णतः नियंत्रित कैसे कर सकते हैं ?इन्हें पूर्णतः नियंत्रित तो नहीं कर सकते परन्तु इनसे सीख लेकदर आगे अवश्य बढ़ सकते हैं !चाहे आर्थिक परिणाम ही क्यों ना प्राप्त हो प्रयास करना मत छोड़िए !

प्रयास करते रहिए ,आगे बढ़ते रहिए अगले ब्लॉग में फिर मुलाकात होगी तब तक हँसते रहिये हँसाते रहिये जीवन अनमोल है मुस्कुराते रहिये !

धन्यवाद

🙏🙏🙏

Advertisements

23 विचार ““यूं ही कड़वा करेला किसी की प्राथमिकता नहीं बन जाता !”&rdquo पर;

  1. पतंजलि ने ऋतभुख, मितभुख और हितभुख बताया है स्वस्थ्य रहने के लिए। संतुलन जीवन का नाम है न कम न ज्यादा खट्टा,मीठा,तीखा और नमकीन यह भी संतुलित रहता है तभी बढ़िया लगता है। बाकी ख्याल अनेक विचार भी अनेक है।

    Liked by 2 लोग

  2. अगर जीत प्राथमिकता है तो
    हार भी जरूरी है,
    अगर भोजन प्राथमिकता है तो
    भूख भी जरूरी है,
    जिसने गरीबी नही देखा
    वो अमीरी का स्वाद ढंग से नही ले सकता।
    करेला भी जरूरी है मीठे भोजन के लिए
    और मीठे बोल को समझने के लिए
    वरना हम कभी
    मीठे बोल और मीठे व्यंजन की महत्ता नही समझ सकते।

    Liked by 2 लोग

    1. जी बिलकुल ,
      अभाव के बिना भाव का क्या महत्व ?
      जीवन नाम ही संतुलन का है !संतुलित आहार से स्वस्थ में संतुलन ,कड़वे व मीठे से अपने पराये और सच व झूठ के माध्यम से जीवन में संतुलन !

      पसंद करें

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.