shdyree
shayree

“मैं जी रहा था चैन से ……!”

 शायरी
wwwpixabay.com

Main jee raha tha chain se

iss uflisi ke saath !

mera ameer hona

mera chain le gaya !!

29 विचार ““मैं जी रहा था चैन से ……!”&rdquo पर;

      1. rahat i में आपके लिए कई प्रश्न हैं, आप उत्तर दे सकते हैं या हटा सकते हैं। आप कहाँ से आते हैं, अगर मैं पूछ सकता हूँ, और आपके ब्लॉग के साथ आपका लक्ष्य क्या है, तो आप क्या हासिल करना चाहते हैं !! , रहत क्या है जो एक नाम से है (अरबी से अरबी में रहत को कहा जाता है (विराम लें) (मज़ा) वे भी हिंदू हैं, यदि ऐसा है तो हमें एक लेख, इसके इतिहास में समझाएं।

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      2. आप मेरे बारे में ये सब क्यों जानना चाहते हैं ?मैं नहीं जानती !पर हाँ ये प्रश्न इतने निपलटेगॉर्म जी भी नहीं हैं की उत्तर न दिया जा सके !
        मैं इण्डिया के मध्य प्रदेश स्टेट से हूँ !

        ब्लॉगिंग का अभी तो मेरा लक्ष्य केवल अपनी राइटिंग्स को पब्लिश करना है मैं चाहती हूँ हर कोई खुश रहे !अगर मेरा पोस्ट पढ़कर किसी के चेहरे पर मुस्कान आजाती है ,किसी को संतुष्टि मिल जाती है या कोई जीवन को मेरे पॉइंट ऑफ़ व्यू से समझ लेता है या किसी के जीवन को नयी दिशा मिल जाती है तो इससे बड़ा लक्ष्य क्या हो सकता है इसीलिए मैंने WP को एक एक प्लेटफॉर्म के रूप में चुना क्यूंकि यहां मिलियन्स ऑफ़ पीपल इंटरकनेक्टेड हैं मेने सोचा अगर रिस्पांस मिला तो भविष्य में एक Well hosted website बनाउंगी !
        All future things will be decided in the future .

        क्षमा करैं ,अन्य प्रश्न यदि थोड़ा और स्पष्ट हो जाते तो शायद मैं उत्तर देने में सक्षम हो पाती !धन्यवाद 🙏

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      3. मैं सब कुछ नहीं जानना चाहता, मैं सॉल्टर हूं हम मेरी तरफ रहें या नहीं, मेरे पास लघु हास्य व्यक्तित्व है जिसे मैंने अवरुद्ध कर दिया है, मेरे लक्ष्य आपके लिए अलग नहीं हैं, मैंने बस स्ट्रू से कर्न को अलग करने के लिए कहा, बहुत बहुत धन्यवाद आपका स्वागत है, और आपको भविष्य के लिए शुभकामनाएं !!! धन्यवाद !!!! अच्छा सप्ताहांत !!!!!

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      4. मैं क्षमा चाहती हूं परंतु कुछ शब्द है मै जिनका अर्थ समझने में असमर्थ हूँ कृपया क्या क्या उन्हें स्पष्ट कर सकते हैं ?
        (1) साल्टर
        (2)सट्रू
        (3)कॉर्न

        पसंद करें

      5. मैं माफी मांगता हूं, लेकिन कुछ ऐसे शब्द हैं जिन्हें मैं समझ नहीं सकता। आप क्या स्पष्ट कर सकते हैं?
        (१) सैलटर– सोलमैन?
        (२) सतुरो-?
        (३) मकई– क्या यह खाद्य है ?? लेकिन पता है। मुझे पता है ……।
        Google अनुवादक गलत है !!!

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  1. भूखा पेट न जात जानता है ना धर्म वो रोटी जानता है।।। किसने दिया नहीं मालूम। मगर दौलत और भरा हुआ पेट जाति और धर्म में उलझ चैन खो देता है।

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    1. बिलकुल मधुसूदन जी ,जिसके पास नहीं है वह थोड़ी की लालसा करता है और जिसके पास जितना है वह उतना ही ज्यादा चाहता है यह ज्यादा की लालसा व्यक्ति से उसके शुभचिंतकों को दूर कर देती है !और सब कुछ होते हुए भी व्यक्ति अकेला हो जाता है !

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