गाँधी जी
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” ये कैसा अभिमान है !”

एक महान विचारक

वनदे ,वनदे ,वनदे !

बने हम ऐसे बन्दे !

के दुनियां याद करे !

मेरे बाद करे !

दूसरों की खुशी से हो !!

खुशी हासिल !!

दूसरों के गम से !!

बह निकले !!

आँख का काजल !!

एक दुसरे का दर्द हो !!

ऐसा ज़माना आ जाये !!

वनदे , वनदे , वनदे !!

बने हम ऐसे बन्दे !!

की दुनियां याद करे !!

मेरे बाद करे !!

भूल तो होती रहेगी !!!

आखिर को इंसान हैं !!!

खून की होली खेले जो !!!

ये कैसा अभिमान है !!!

भगवान दे शक्ति हमें !!!

माफ़ करना आ जाये !!!

वनदे ,वनदे ,वनदे !!!

बने हम ऐसे बन्दे !!!

की दुनियां याद करे !!!

मेरे बाद करे !!!

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सोशल ईविल, life, shayree

“ज़माना खराब है !”

Pics by http://www.pixels.com

Tum bas khud ke liye jiyo !
khushee khud kee hee khaas hai !!
phir kehte ho -zamana kharab he !!!